धर्म और अध्यात्म

भोपाल के दुर्गा पंडालों में इस नवरात्र कैंची धाम, सोमनाथ और नागेश्वर मंदिर की प्रतिकृतियाँ

फ्री प्रेस जर्नल और ईटीवी भारत के अनुसार भोपाल के बड़े थीम आधारित दुर्गा पंडाल इस नवरात्र श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं, कैंची धाम की प्रतिकृति से लेकर 21 फीट ऊँची महाकाली प्रतिमा तक।

लेखक विंध्य सत्ता डेस्क
भोपाल के दुर्गा पंडालों में इस नवरात्र कैंची धाम, सोमनाथ और नागेश्वर मंदिर की प्रतिकृतियाँ
Photo: Kaushlendrapathe, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons. Illustrative archive photo; not from the Bhopal pandals described.
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रविवार 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र शुरू होते ही भोपाल में आयोजकों ने कई बड़े थीम आधारित दुर्गा पंडाल खोले, जिनमें कई प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर बनाए गए हैं। फ्री प्रेस जर्नल ने 12 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में प्रमुख पंडालों की सूची दी। नीचे दी गई लागत उसी रिपोर्ट के आँकड़े हैं, जिनका कोई स्रोत नहीं बताया गया, और विंध्य सत्ता ने उनकी पुष्टि नहीं की है।

बरखेड़ा के विजय मार्केट का पंडाल, जिसकी लागत अख़बार ने 35 लाख रुपये से अधिक बताई, उत्तराखंड के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम की प्रतिकृति है, जिसमें हनुमान जी की मूर्ति और कंबल भी है। यह लगभग 70,000 वर्ग फीट में फैला है और इसमें 15 फीट ऊँची दुर्गा प्रतिमा है। 38 वर्ष पुरानी विजय मार्केट दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने अख़बार से कहा कि यह थीम पिछले साल ही तय कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश की सफलता इस चयन का कारण नहीं थी, लेकिन जोड़ा कि इससे भीड़ बढ़ सकती है।

बरखेड़ा पठानी में 1.35 करोड़ रुपये लागत बताए गए पंडाल में राजस्थान के खाटू श्याम, नेपाल के पशुपतिनाथ व मुक्तिनाथ और नासिक के सप्तशृंगी मंदिरों की प्रतिकृतियाँ बनाई गई हैं। बिट्टन मार्केट में पिछली एक सदी में सोमनाथ मंदिर के इतिहास को दिखाया गया है और 40 से अधिक देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ हैं। रिपोर्ट में लागत एक जगह 1.30 करोड़ और दूसरी जगह 1.30 लाख रुपये लिखी गई है और इस अंतर को स्पष्ट नहीं किया गया। न्यू मार्केट में द्वारका (गुजरात) के नागेश्वर मंदिर की 60 फीट ऊँची प्रतिकृति और बारह ज्योतिर्लिंगों के छोटे मॉडल बनाए गए हैं।

अन्य पंडालों के थीम अलग हैं। कोतरा सुल्तानाबाद में हॉन्टेड हवेली का सेट है, जिसमें दुर्गा और कालरात्रि की 12 फीट ऊँची प्रतिमाएँ हैं और लागत लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई है। एमपी नगर में कैलाश मानसरोवर, कोलार में माँ त्रिपुरसुंदरी मंदिर की प्रतिकृति और 10 नंबर मार्केट में दुबई के मिरैकल गार्डन से प्रेरित सजावट है। अख़बार ने उन अन्य मंदिरों की भी सूची दी जिनके दर्शन श्रद्धालु त्योहार के दौरान कर सकते हैं, जिनमें उज्जैन का महाकाल और भोपाल की कंकाली माता शामिल हैं।

ईटीवी भारत ने अलग से बताया कि भोपाल के नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में पंचमुखी महाकाली की 21 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे स्थानीय लोग बड़ी अम्मा कहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार रात वहाँ पहुँचे और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीरें साझा कीं। ईटीवी भारत ने यह भी कहा कि भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और अन्य जिलों में हज़ारों दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं।

बड़े पंडालों में भारी भीड़ आती है, इसलिए कुछ जिलों में पुलिस ने आयोजकों को वायरिंग, ढांचों और भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। दर्शन के लिए जाने वाले लोगों से अपेक्षा है कि वे स्वयंसेवकों और पुलिस के निर्देशों का पालन करें और लोकप्रिय पंडालों के आसपास यातायात बदलाव के लिए स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें।

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