किशोरी तीरंदाज़ कुमकुम मोहोड ने शूट-ऑफ में जीता एशियाई खेलों का ऐतिहासिक रिकर्व स्वर्ण
17 वर्षीय कुमकुम मोहोड एक तीर के शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को हराकर एशियाई खेलों का व्यक्तिगत रिकर्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

सत्रह वर्षीय कुमकुम मोहोड ने जापान के ऐची-नागोया एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीता है, जिसे कई रिपोर्टों ने भारतीय तीरंदाज़ी के लिए पहली उपलब्धि बताया है। द स्टेट्समैन और ओपन मैगज़ीन के अनुसार उन्होंने फाइनल में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को 6-5 से हराया; मुकाबला 5-5 से बराबरी पर छूटा और एक तीर के शूट-ऑफ से तय हुआ।
निर्णायक तीर पर ओह ने आठ अंक लिए, जबकि मोहोड ने परफेक्ट दस लगाया। ओपन ने लिखा कि मोहोड ने मैच के दौरान दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की, जिसमें पांचवें सेट में लगातार तीन दस शामिल थे, जिनसे मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचा। द स्टेट्समैन के अनुसार वे इस एशियाई खेल खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं और व्यक्तिगत रिकर्व में कोई भी एशियाई खेल पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी।
फाइनल तक का उनका सफर कठिन था। द स्टेट्समैन के अनुसार वे क्वालिफिकेशन राउंड के बाद दसवें स्थान पर थीं, फिर क्वार्टर फाइनल में विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की कांग चेयंग को और सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से हराया। ओपन ने क्वार्टर फाइनल का स्कोर 6-4 बताया। द स्टेट्समैन के मुताबिक वे एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला थीं। कांस्य पदक चीन की हुआंग यूवेई ने झू को हराकर जीता।
व्यक्तिगत खिताब खेलों में मोहोड का दूसरा स्वर्ण था। ओपन के अनुसार एक दिन पहले उन्होंने अंकिता भक्त और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर महिला टीम रिकर्व के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। वे धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में रजत भी जीतने में सफल रहीं, जब फाइनल में भारत चीन से 3-5 से हारा। इस तरह अपने पहले एशियाई खेलों में उतरी इस 17 वर्षीय तीरंदाज़ ने दो स्वर्ण और एक रजत जीता।
इस जीत के व्यापक मायने हैं। द स्टेट्समैन के अनुसार इस स्वर्ण से भारत को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का एक व्यक्तिगत कोटा मिला, जबकि ओह ने दक्षिण कोरिया के लिए एक कोटा हासिल किया। ओपन ने लिखा कि एशियाई खेलों में भारत का पहला व्यक्तिगत रिकर्व पदक 2010 के गुआंझोउ में तरुणदीप राय का पुरुष रजत था, जो बताता है कि भारतीय रिकर्व तीरंदाज़ व्यक्तिगत इवेंटों में कितनी कम बार पदक मंच तक पहुंचे हैं।
तीरंदाज़ी का यह नतीजा उसी दिन भारत के कई प्रमुख क्षणों में से एक था। ओपन के अनुसार उसकी रिपोर्ट के समय देश का कुल पदक आंकड़ा 77 था, जिसमें 17 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य थे। भारत अंत में खेलों में चौथे स्थान पर रहा। दोनों रिपोर्टों में मोहोड या उनके कोचों का सीधा कथन शामिल नहीं था।



