एशियाई खेलों में भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर, हांगझोउ के मुकाबले स्वर्ण घटे
भारत ने ऐची-नागोया एशियाई खेलों का सफर 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों के साथ पूरा किया, जो मज़बूत प्रदर्शन है पर हांगझोउ के रिकॉर्ड से कम है।

जापान के ऐची-नागोया एशियाई खेलों में भारत 85 पदकों — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा, आउटलुक और द संडे गार्डियन के अनुसार। केवल चीन, जापान और दक्षिण कोरिया ही आगे रहे। उज़बेकिस्तान ने भी 21 स्वर्ण जीते, लेकिन उसके कुल पदक 70 रहे; द संडे गार्डियन के अनुसार रजत पदकों की संख्या के आधार पर भारत को उससे ऊपर रखा गया।
यह कुल संख्या भारत के एशियाई खेलों इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी है। यह हांगझोउ खेलों के रिकॉर्ड से कम है, जहां भारत ने 28 स्वर्ण समेत 106 पदक जीते थे; यानी इस बार 21 पदक और सात स्वर्ण कम आए। आउटलुक ने बताया कि अंतिम दिन नौ पदक आए, जिनमें पांच स्वर्ण थे।
स्वर्ण पदकों में गिरावट उन खेलों में अधिक रही जिनमें पहले भारत भरोसेमंद था। आउटलुक के मुताबिक एथलेटिक्स और शूटिंग ने मिलकर भारत के 21 स्वर्णों में से चार जीते, जबकि हांगझोउ में 28 में से 13 का योगदान इनका था। शूटिंग से इस बार तीन स्वर्ण आए, पिछली बार सात थे; एथलेटिक्स ने 24 पदक दिए, पर स्वर्ण बहुत कम रहे। बैडमिंटन में केवल पुरुष टीम का कांस्य आया और 2014 के बाद पहली बार कोई व्यक्तिगत पदक नहीं मिला; स्क्वैश और टेनिस में कोई पदक नहीं आया। उसी रिपोर्ट के अनुसार नीरज चोपड़ा चोट के कारण प्रतियोगिता में नहीं उतरे और मनु भाकर कोई पदक नहीं जीत सकीं।
कई उज्ज्वल पक्ष भी रहे। प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ का खिताब जीता, जिसे आउटलुक ने 2002 के बाद भारत का पहला गोल्फ स्वर्ण बताया। 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने तीरंदाज़ी में दो स्वर्ण और एक रजत जीता। बॉक्सिंग में एक ही दिन तीन स्वर्ण आए; द संडे गार्डियन ने विजेताओं के रूप में लवलीना बोरगोहेन, परवीन हूडा और अंकुश पंघाल का नाम लिया। कुश्ती में अमन सेहरावत ने पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल और सुजीत कलकल ने 65 किग्रा का स्वर्ण जीता। आउटलुक ने नीरू ढांडा के एशियाई रिकॉर्ड वाले महिला ट्रैप स्वर्ण और 10 मीटर एयर पिस्तौल मिक्स्ड टीम में भारत के पहले एशियाई खेल खिताब का भी उल्लेख किया।
टीम खेलों ने शानदार प्रदर्शन किया। द संडे गार्डियन के अनुसार पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर खिताब बरकरार रखा और पुरुष क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण बचाया। आउटलुक के अनुसार क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में हर खेल से दो-दो स्वर्ण आए, एक पुरुष टीम से और एक महिला टीम से। हॉकी की जीत से पुरुष टीम को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का सीधा टिकट मिला, और आउटलुक ने कहा कि हॉकी और तीरंदाज़ी से भारत ने कुल चार ओलंपिक कोटा हासिल किए।
आउटलुक ने कुछ चूके हुए मौकों का भी ज़िक्र किया। लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर, 10,000 और 1,500 मीटर में गुलवीर सिंह और 85.72 मीटर भाला फेंकने वाले यशवीर सिंह ने रजत जीता, जबकि अविनाश साबले स्टीपलचेज़ में चौथे स्थान पर रहे और महिला ट्रैप टीम ने टीम स्वर्ण चीन के हाथों खो दिया। भारतीय खेलों के लिए यह प्रतियोगिता गहराई का भी सबूत थी और यह भी कि स्वर्ण कहां छूटे।



