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सर्वे का दावा: इस साल दिवाली की उड़ानों के लिए 72% हवाई यात्री अधिक किराया दे रहे हैं

न्यूज़बाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार लोकलसर्कल्स के लगभग 20,000 लोगों के सर्वेक्षण में 72 प्रतिशत ने दिवाली के आसपास उड़ानों के लिए पिछले साल से अधिक किराया देने की बात कही। बताए गए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लेखक विंध्य सत्ता डेस्क
सर्वे का दावा: इस साल दिवाली की उड़ानों के लिए 72% हवाई यात्री अधिक किराया दे रहे हैं
Photo: Ravi Dwivedi, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons. Illustrative archive photo; not linked to the survey or any specific fare.
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कम्युनिटी प्लेटफ़ॉर्म लोकलसर्कल्स के एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि भारत में ज्यादातर हवाई यात्री दिवाली के आसपास उड़ानों के लिए पिछले साल की तुलना में अधिक किराया चुका रहे हैं, ऐसा न्यूज़बाइट्स ने 15 अक्टूबर को बताया। रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में लगभग 20,000 लोग शामिल थे और 72 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे पिछले साल से अधिक किराया दे रहे हैं।

न्यूज़बाइट्स के अनुसार 45 प्रतिशत प्रतिभागियों ने 50 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी बताई और 9 प्रतिशत ने 100 प्रतिशत से अधिक की, और इन में से कई लोगों के लिए किराया लगभग दुगना बताया गया। एक उदाहरण के रूप में उसने कहा कि मुंबई से पटना के कुछ किराए 25,000 रुपये से ऊपर चले गए हैं। रिपोर्ट में उस किराए की यात्रा तिथि नहीं दी गई।

रिपोर्ट ने इस बढ़ोतरी के कारण के रूप में विमान ईंधन की ऊँची कीमतों और किराए पर सरकारी सीमा के अभाव का उल्लेख किया और कहा कि हवाई यात्रियों का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि दिवाली जैसे भीड़ वाले समय में सरकार टिकट की कीमतों पर नियंत्रण करे। इन कारणों को किसी नामित स्रोत से नहीं जोड़ा गया और रिपोर्ट में एयरलाइंस का जवाब शामिल नहीं था। भारत में घरेलू किराए एयरलाइंस खुद तय करती हैं और जिन तारीखों पर मांग अधिक होती है, वहाँ अक्सर बढ़ जाते हैं।

ईंधन की कीमतें हाल में ख़बरों में रही हैं। फ्री प्रेस जर्नल ने 14 अक्टूबर को बताया कि अमेरिका और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच ब्रेंट कच्चा तेल 1.25 प्रतिशत चढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया और इस साल इसमें 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस रिपोर्ट में भारत या हवाई किराए का उल्लेख नहीं था, और विंध्य सत्ता नहीं बता सकती कि किराए में बढ़ोतरी का कितना हिस्सा, यदि कोई है, ईंधन लागत के कारण है।

अलग से, एनआई की एक रिपोर्ट को छापते हुए फ्री प्रेस जर्नल ने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया और आकासा एयर ने 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद 17 अक्टूबर तक साऊदी अरब के कई शहरों की उड़ानें रद्द कर दी हैं और प्रभावित यात्रियों को रिफंड या दूसरी बुकिंग की व्यवस्था दी है। इस रिपोर्ट ने भी इन रद्दीकरणों को घरेलू किराए से नहीं जोड़ा।

इस तरह के ऑनलाइन सर्वेक्षण उन लोगों पर निर्भर होते हैं जो खुद जवाब देना चुनते हैं और सभी यात्रियों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। न्यूज़बाइट्स की रिपोर्ट में सर्वेक्षण का लिंक नहीं था और यह नहीं बताया गया कि प्रतिभागियों को कैसे चुना गया, और विंध्य सत्ता ने मूल निष्कर्ष नहीं देखे हैं। किराए का उदाहरण एक ही मार्ग का है, और अन्य मार्गों पर किराए अलग हो सकते हैं।

दिवाली की यात्रा की योजना बना रहे यात्री एयरलाइंस और तारीखों के बीच किराए की तुलना कर सकते हैं और भुगतान से पहले एयरलाइन या बुकिंग वेबसाइट पर किराए की शर्तें देख सकते हैं। रिपोर्ट में किराए पर सीमा लगाने की किसी सरकारी योजना का उल्लेख नहीं था और किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का हवाला नहीं दिया गया।

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