सोमवार, 26 अक्टूबर 2026तह तक तहकीकात, मुद्दे की बात, मुद्दत के बाद।
ई-पेपर
लाइफस्टाइल

WHO रिपोर्ट: टीबी की जांच और निवारक उपचार से मिल सकते हैं मज़बूत लाभ

चार देशों के WHO मॉडलिंग अध्ययन का निष्कर्ष है कि टीबी की जांच और निवारक उपचार पर लगाए हर डॉलर के बदले अधिकतम 54 अमेरिकी डॉलर का लाभ मिल सकता है।

लेखक नरेंद्र बुधौलिया
WHO रिपोर्ट: टीबी की जांच और निवारक उपचार से मिल सकते हैं मज़बूत लाभ
Photo: Wellcome Collection, CC BY 4.0, via Wikimedia Commons (archive image, for illustration)
साझा करेंFacebookXWhatsApp

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक निवेश तर्क का दूसरा संस्करण प्रकाशित किया है, जिसमें कहा गया है कि तपेदिक (टीबी) की जांच और निवारक उपचार साथ मिलकर बड़े स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ दे सकते हैं। WHO के प्रकाशन पृष्ठ के अनुसार "टीबी-मुक्त भविष्य के लिए धन" शीर्षक वाला यह दस्तावेज़ 12 अक्टूबर को प्रकाशित हुआ। यह 17 पन्नों की तकनीकी रिपोर्ट है, जिसे एचआईवी, टीबी, हेपेटाइटिस और यौन संचारित संक्रमणों पर काम करने वाली WHO टीम ने तैयार किया है।

रिपोर्ट में टीबी की जांच और टीबी निवारक उपचार (टीपीएल) की लागत और लाभ पर एक मॉडलिंग अध्ययन पेश किया गया है। अध्ययन में चार देश शामिल हैं: ब्राज़ील, जॉर्जिया, केन्या और दक्षिण अफ्रीका। WHO का कहना है कि ये उदाहरण हैं, जिनसे इसी तरह के रोग परिदृश्य वाले दूसरे देश सीख सकते हैं। मुख्य निष्कर्ष यह है कि अपेक्षाकृत कम निवेश से भी चारों देशों में उल्लेखनीय स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ मिल सकता है, और लगाए गए हर डॉलर पर अधिकतम 54 अमेरिकी डॉलर का लाभ पहुंच सकता है।

WHO का कहना है कि इसका उद्देश्य देशों को अधिक फंडिंग के पक्ष में तर्क देने और उसे आवंटित करने में मदद करना है, ताकि जांच और निवारक उपचार का विस्तार हो सके। रिपोर्ट उन लक्ष्यों से जुड़ी है जिनके लिए 2023 की संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय बैठक में राष्ट्राध्यक्षों ने प्रतिबद्धता जताई थी। WHO पृष्ठ का सारांश देश-वार आंकड़े या मॉडलिंग का ब्यौरा नहीं देता, जो पूरे दस्तावेज़ में हैं, इसलिए वे आंकड़े यहां नहीं दिए गए हैं।

भारत के पाठकों के लिए यह पृष्ठभूमि प्रासंगिक है। WHO के टीबी विषय पृष्ठ के अनुसार टीबी से पीड़ित लगभग आधे लोग आठ देशों में रहते हैं और उनमें भारत शामिल है, हालांकि भारत का हिस्सा नहीं बताया गया। उसी पृष्ठ के अनुसार हर साल लगभग 1 करोड़ लोग टीबी से बीमार होते हैं और लगभग 15 लाख लोगों की मौत होती है। साथ ही यह भी कहा गया है कि दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी के टीबी के जीवाणुओं से संक्रमित होने का अनुमान है, पर इनमें से अधिकतर लोग बीमार नहीं पड़ते।

WHO पृष्ठ रिपोर्ट की दोनों हस्तक्षेपों को समझाता है। जांच में स्वास्थ्य प्रदाता जोखिम वाले मरीजों में सक्रिय टीबी की संभावना खारिज करते हैं, और टीबी के लक्षणों वाले लोगों के लिए WHO पहली जांच के रूप में तेज़ अणु निदान परीक्षण की सिफारिश करता है। निवारक उपचार उन लोगों को दिया जाता है जिन्हें टीबी संक्रमण है पर जो बीमार नहीं हैं, ताकि बीमारी न पनपे। इसमें वही दवाएं होती हैं जो मानक उपचार में होती हैं, पर कम समय के लिए, और WHO कहता है कि नए विकल्प पहले के छह महीने के मुकाबले एक या तीन महीने के हैं।

WHO का पृष्ठ यह भी बताता है कि सुप्त संक्रमण वाले लोगों में जीवन भर में बीमार पड़ने का जोखिम 5 से 10 प्रतिशत है, हालांकि पृष्ठ का एक अन्य हिस्सा थोड़ा अधिक व्यापक सीमा देता है। रिपोर्ट सरकारों और स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए है, व्यक्तिगत मरीजों के लिए नहीं। लक्षणों को लेकर चिंतित किसी भी व्यक्ति को योग्य स्वास्थ्य संस्थान में जांच करानी चाहिए।

साझा करेंFacebookXWhatsApp

संबंधित खबरें