उज्जैन की भस्म आरती में पंचमी पर बाबा महाकाल का विशेष शृंगार; मंदिर की संशोधित समय-सारणी जारी
अमर उजाला के अनुसार 15 अक्टूबर को तड़के 4 बजे की भस्म आरती में बाबा महाकाल का चांदी के मुकुट, मुंडमाला और भांग से शृंगार किया गया। शरद पूर्णिमा तक के लिए आरती का समय संशोधित किया गया है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार 15 अक्टूबर को नवरात्र की पंचमी (आश्विन शुक्ल पक्ष) पर भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया, ऐसा अमर उजाला के उज्जैन ब्यूरो की एक वीडियो रिपोर्ट में बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के कपाट लगभग तड़के 4 बजे खुले और पुजारियों ने पहले गर्भगृह में सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया।
मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के हवाले से अमर उजाला ने अनुष्ठान का क्रम बताया। बाबा महाकाल का पहले पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी और शक्कर जैसी सामग्री अर्पित की जाती है। कपूर आरती के बाद उन्हें चांदी का मुकुट और मुंडमाला पहनाई गई और फिर भस्म अर्पित की गई। इसके अलावा बाबा का भांग से शृंगार किया गया और मस्तक पर माँ गंगा की प्रतिमा विराजित की गई।
रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए और जयकारे लगाए। इसमें एक मान्यता का भी उल्लेख है, जो आस्था का विषय है और जिसकी पुष्टि नहीं की जा सकती, कि भस्म अर्पित होने के बाद देवता साकार रूप में दर्शन देते हैं। रिपोर्ट में श्रद्धालुओं की संख्या नहीं बताई गई।
अमर उजाला ने मंदिर की संशोधित दैनिक समय-सारणी भी प्रकाशित की, जो उसके अनुसार शरद पूर्णिमा तक लागू रहेगी। भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे, दद्योदक आरती सुबह 7 से 7.45, भोग आरती सुबह 10 से 10.45, संध्या पूजन शाम 5 से 5.45, संध्या आरती शाम 7 से 7.45 और शयन आरती रात 10.30 से 11 बजे तक होती है। अख़बार ने टोल-फ़्री हेल्पलाइन 18002331008 के साथ कुछ स्थानीय नंबर भी दिए हैं, जो उसके अनुसार दर्शन, आरती और दान की जानकारी के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
दैनिक जागरण की अंग्रेज़ी वेबसाइट ने 13 अक्टूबर की एक भक्ति-मार्गदर्शिका में बताया कि मंदिर प्रबंध समिति भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे के बीच निर्धारित करती है और इस अनुष्ठान में ज्योतिर्लिंग का पूजन भस्म और पारंपरिक मंत्रों के साथ किया जाता है। मार्गदर्शिका में यह भी बताया गया कि महाकालेश्वर भगवान शिव को समर्पित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
इसी मार्गदर्शिका में श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना बनाने से पहले मंदिर के आधिकारिक बुकिंग पोर्टल पर उपलब्धता, प्रवेश संबंधी शर्तें, रिपोर्टिंग समय और पहचान संबंधी नियम देख लेने की सलाह दी गई है। इसमें आधिकारिक सेवा पृष्ठ shrimahakaleshwar.mp.gov.in/services और लाइव दर्शन पृष्ठ का उल्लेख है, साथ ही कहा गया है कि लाइव स्ट्रीम की उपलब्धता बदल सकती है। इसमें किसी विशेष दिन के शृंगार का विवरण नहीं दिया गया और कहा गया कि ऐसी जानकारी मंदिर की आधिकारिक सूचनाओं या सत्यापित दर्शन चित्रों से पक्की कर ली जाए।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर आरती का समय बदल सकता है, इसलिए यात्रा से पहले मंदिर प्रशासन से ताज़ा समय-सारणी की पुष्टि कर लेने की सलाह दी जाती है। विंध्य सत्ता ने अनुष्ठान के विवरणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है; वे वैसे ही हैं जैसे ऊपर उल्लिखित स्रोतों ने बताए।



