रीवा

रीवा: मां-शिशु की मौत के मामले में डॉक्टर निलंबित, जांच जारी

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा का इलाज कर रहीं डॉक्टर को निलंबित किया गया है; यह उस मामले में ताजा कार्रवाई है जिस पर प्रदर्शन हुए और जांच जारी है।

लेखक विंध्य सत्ता डेस्क
रीवा: मां-शिशु की मौत के मामले में डॉक्टर निलंबित, जांच जारी
Photo: Quabizabdul, CC BY 4.0, via Wikimedia Commons (file photo of Rewa city; it does not show the hospital or the events reported)
साझा करेंFacebookXWhatsApp

नवभारत लाइव ने 8 अक्टूबर को रिपोर्ट किया कि रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा का इलाज कर रहीं डॉ. गुंजन गोस्वामी को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। सुश्री मिश्रा और उनके शिशु की अगस्त के अंत में अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इस मामले में तब से कई प्रशासनिक कार्रवाइयां, राजनीतिक प्रदर्शन हुए हैं और जांच अब भी जारी है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, रीवा जिले के हतवा गांव की निवासी सुश्री मिश्रा को 26 अगस्त की तड़के गंभीर हालत में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था, और उसी रात देर से इलाज के दौरान उनकी तथा उनके बच्चे की मृत्यु हो गई। परिवार ने अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। आईएएनएस के हवाले से अस्पताल ने कहा कि उन्हें पूर्ण अवधि की गर्भावस्था में गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया सहित अन्य जटिलताएं थीं और इलाज तय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया। एजेंसी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो की प्रामाणिकता की वह पुष्टि नहीं कर सकी, जिसमें महिला मदद की गुहार लगाती दिख रही है।

आईएएनएस के अनुसार, मौतों के कुछ ही दिनों के भीतर स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच लंबित रहने तक दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया और वरिष्ठ चिकित्सकों की एक समिति गठित की। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए, और एजेंसी ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया कि स्थापित उपचार प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन होना चाहिए तथा मरीजों के परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। परिवार के अनुरोध पर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के दल ने संयुक्त पोस्टमार्टम किया।

8 अक्टूबर की नवभारत लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में लगभग दो महीने से कार्रवाई चल रही है। डॉ. गोस्वामी के निलंबन के अलावा रिपोर्ट में नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई, पूर्व डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के दूसरे जिले में तबादले और अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा को पद से हटाए जाने का उल्लेख है। कार्रवाई का सामना करने वाले कुछ कर्मचारियों के नाम और पदों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए इस डेस्क ने उनके नाम नहीं दिए हैं।

इस मामले ने शहर में राजनीतिक ध्यान भी खींचा है। नवभारत लाइव ने सितंबर में युवा कांग्रेस और कांग्रेस के प्रदर्शनों की खबरें दी थीं, जिनमें उपमुख्यमंत्री के निवास के पास हुआ प्रदर्शन भी शामिल है, जहां आउटलेट के अनुसार पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, साथ ही परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जल सत्याग्रह भी हुआ। आउटलेट ने यह भी बताया कि सितंबर के मध्य में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हुई, जो अस्पताल कर्मचारियों की भूमिका, उपचार और भर्ती प्रक्रिया की विभागीय जांच के साथ चल रही है।

नवभारत लाइव ने रेखांकित किया कि निलंबन अंतिम रूप से दोषी ठहराया जाना नहीं है और जांच के निष्कर्ष निर्णायक होंगे। इस डेस्क द्वारा देखी गई रिपोर्टों में न तो जांच में तय हुआ मृत्यु का कारण बताया गया है और न यह कि निष्कर्ष कब आएंगे। जांच किसे और किस स्तर पर जिम्मेदार ठहराती है, इस पर आगे और कार्रवाई हो सकती है। तब तक परिवार के आरोपों और इलाज को लेकर अस्पताल के पक्ष की परख जांचकर्ताओं को करनी है।

साझा करेंFacebookXWhatsApp

संबंधित खबरें