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WHO ने बच्चों और किशोरों में मोटापे पर पहली वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए

WHO का कहना है कि 2024 में 5 से 19 वर्ष के 17 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से पीड़ित थे। संगठन ने आहार, शारीरिक गतिविधि और व्यवहार परिवर्तन वाले संरचित कार्यक्रमों को देखभाल की नींव बताया है।

लेखक विंध्य सत्ता डेस्क
WHO ने बच्चों और किशोरों में मोटापे पर पहली वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए
Photo: Johan Bichel Lindegaard from Copenhagen, Denmark, CC BY 2.0, via Wikimedia Commons (file photo illustrating children's physical activity; not linked to the WHO report)
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 7 अक्टूबर को बच्चों और किशोरों में मोटापे के प्रबंधन पर अपने पहले वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए। WHO के अनुसार ये दिशानिर्देश वयस्कों के लिए उसकी मौजूदा सिफारिशों के पूरक हैं और मोटापा देखभाल के जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। ये मोटापा रोकने की संगठन की व्यापक त्वरित कार्ययोजना को भी समर्थन देते हैं।

WHO ने 2024 के आंकड़ों से समस्या का पैमाना बताया। उसके अनुसार उस वर्ष 5 से 19 वर्ष के 17 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से ग्रस्त थे, जिनमें 5 से 9 वर्ष के 7 करोड़ और 10 से 19 वर्ष के 10 करोड़ शामिल हैं। विज्ञप्ति के अनुसार इस आयु वर्ग में मोटापे का हिस्सा 1990 से चार गुना बढ़कर 2 प्रतिशत से 8 प्रतिशत हो गया है। WHO की मोटापे पर अलग फैक्ट शीट के मुताबिक 2024 में इस आयु वर्ग के 20 प्रतिशत, यानी लगभग 40 करोड़, बच्चे और किशोर अधिक वज़न के थे।

दिशानिर्देश मोटापे को ऐसी दीर्घकालिक, बार-बार लौटने वाली बीमारी मानते हैं जिसे प्रभावी देखभाल से संभाला जा सकता है, और बताते हैं कि इसके असर कम उम्र में शुरू हो सकते हैं तथा टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोग जैसी स्थितियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। WHO यह भी कहता है कि मोटापे से ग्रस्त युवाओं को कलंक, भेदभाव और धमकाए जाने का सामना करना पड़ सकता है। सभी उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए उसकी मज़बूत सिफारिश आहार, शारीरिक गतिविधि और व्यवहार परिवर्तन के संरचित कार्यक्रमों की है, जो व्यक्तिगत रूप से या व्यापक बहु-घटक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में दिए जाएं। माता-पिता या देखभाल करने वाले की निगरानी में डिजिटल स्वास्थ्य साधनों के लिए उसने सशर्त सिफारिश की है।

उपचार को लेकर मार्गदर्शन आयु के हिसाब से स्पष्ट रेखा खींचता है। 0 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए WHO दवाओं, वज़न घटाने की सर्जरी और वज़न घटाने वाले उपकरणों के विरुद्ध सिफारिश करता है। 10 से 19 वर्ष के किशोरों के लिए स्वीकृत दवाओं पर तभी विचार किया जा सकता है जब निगरानी में चला जीवनशैली कार्यक्रम वांछित परिणाम न दे, और गंभीर मोटापे में सर्जरी पर कड़ी शर्तों के साथ विचार हो सकता है। WHO के पोषण और खाद्य सुरक्षा विभाग की निदेशक डॉ. लुज़ मारिया डी रेगिल ने कहा: "बच्चों और किशोरों में मोटापे की देखभाल की नींव दवा या सर्जरी नहीं है।"

WHO वज़न को मानसिक स्वास्थ्य से भी जोड़ता है। उसका कहना है कि चिंता, अवसाद, कम आत्मसम्मान और भावनाओं को संभालने में कठिनाई खान-पान की आदतों, निष्क्रियता और सामाजिक दूरी को बिगाड़ सकती है, इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों को मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों को जल्दी और साथ-साथ संबोधित करना चाहिए। देखभाल व्यक्ति-केंद्रित, बच्चे की उम्र के अनुरूप, परिवार की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशील और दीर्घकालिक अनुवर्ती के साथ होनी चाहिए।

WHO ज़ोर देता है कि केवल उपचार से मोटापे की बढ़त नहीं पलटी जा सकती। वह नियामक और राजकोषीय उपायों तथा शिक्षा, शहरी नियोजन, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा में कार्रवाई के ज़रिए स्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि को अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाने की मांग करता है। फैक्ट शीट खाद्य उद्योग से प्रसंस्कृत खाद्य में वसा, चीनी और नमक घटाने तथा बच्चों और किशोरों के लिए अस्वास्थ्यकर उत्पादों के विपणन पर रोक लगाने का भी आग्रह करती है। दिशानिर्देश स्वास्थ्य प्रणालियों और चिकित्सकों के लिए हैं, और बच्चे के वज़न को लेकर चिंतित परिवारों को सामान्य मार्गदर्शन पर निर्भर रहने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

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