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पर्यावरण और जलवायु

आईएमडी: कुछ ही दिनों में देश के बाकी हिस्सों से भी लौटेगा मानसून, अब दक्षिण में बारिश का जोर

भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून के शेष इलाकों से लौटने के हालात अनुकूल हैं, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में लंबे समय तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है।

लेखक नरेंद्र बुधौलिया
आईएमडी: कुछ ही दिनों में देश के बाकी हिस्सों से भी लौटेगा मानसून, अब दक्षिण में बारिश का जोर
Photo: Patilharshit, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons. File photo of monsoon clouds from 2018; not from the days described.
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बाकी हिस्सों से भी विदा लेने के करीब है। 12 अक्टूबर के उसके बुलेटिन में कहा गया कि अगले दो से तीन दिनों में शेष भागों से लौटने के हालात अनुकूल हो रहे हैं। आईएमडी ने उस दिन दोपहर लौटने की रेखा 27.0 डिग्री उत्तर/90.5 डिग्री पूर्व, कोलकाता, अनगुल, खम्मम, होनावर और 14.0 डिग्री उत्तर/73.0 डिग्री पूर्व से होकर गुजरती बताई।

वापसी कई हफ्तों से जारी है। यूएनआई के अनुसार 3 अक्टूबर को यह रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, दीसा और नलिया से होकर गुजरती थी, और आईएमडी ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से 24 घंटे में और वापसी की उम्मीद जताई थी। देशगुजरात की रिपोर्ट के अनुसार उसी दिन मानसून पूरे गुजरात से लौट गया, जिसके साथ वहां सीजन 810.64 मिमी बारिश यानी औसत के 89.19 प्रतिशत पर समाप्त हुआ। रिपोर्ट के अनुसार केवल दक्षिण गुजरात में सामान्य से अधिक बारिश हुई।

मध्य प्रदेश के लिए सीजन कमज़ोर नोट पर खत्म हुआ है। दैनिक जागरण ने 3 अक्टूबर को बताया कि 30 सितंबर तक राज्य में लगभग 904 मिमी बारिश हुई, यानी सामान्य का 95.4 प्रतिशत, जिसे उसने पांच साल में सबसे कम मौसमी योग बताया। अखबार के अनुसार मानसून 24 जून को राज्य में पहुंचा, यानी सामान्य से नौ दिन देर से, और 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई।

आईएमडी के ताजा बुलेटिन में पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर को कहीं-कहीं से कई स्थानों पर बारिश का अनुमान जताया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश वह मौसमी उपखंड है जिसमें रीवा के आसपास का विंध्य क्षेत्र आता है। बुलेटिन में पिछले 24 घंटों में राज्य में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई और राज्य सबसे अधिक बारिश वाले इलाकों में शामिल नहीं था।

मौसम का ध्यान अब दक्षिण की ओर खिसक रहा है। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण 13 अक्टूबर के आसपास कम दाब का क्षेत्र बना सकता है और अगले पांच-छह दिन दक्षिणी प्रायद्वीप में लंबा बारिश का दौर रह सकता है। उसने केरल और माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कारैकल, तथा तटीय आंध्र प्रदेश में 15 से 18 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया है; उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 17 और 18 अक्टूबर तथा रायलसीमा में 15 और 16 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। बुलेटिन में किसी चक्रवात का उल्लेख नहीं था।

विभाग ने यह भी कहा कि उत्तर-पूर्व मानसून, जो दक्षिण के कुछ हिस्सों में सर्दियों की अधिकतर बारिश लाता है, इसी अवधि में प्रायद्वीप पर शुरू होने की उम्मीद है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उसने 12 से 15 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस रहने और 14-15 अक्टूबर को आंधी-पानी तथा संभावित ओलावृष्टि का अनुमान जताया है।

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